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आज हम आपको बताने जा रहे इंडिया की टॉप मोस्ट दस होंटेड प्लेस के बारे मे। .
जी हा दोस्तो आपने इन जगहो के नाम तो सुने होगे पर आज हम आपको बताने जा रहे इनके पीछे की कहानी भी। .
आज हम आपको भारत की दस मुख्य भुतहा जगहों के बारे में बताने जा रहे है। .
इनमे सब से पहले नाम आता है भान गड़ का। .
भानगढ़ फोर्ट, राजस्थान के अलवर जिले में स्तिथ है। यह भारत का टॉप मोस्ट हॉन्टेड प्लेस है। इसे आम बोलचाल की भाषा में भूतो का भानगढ़ कहा जाता है।,
भानगढ़ कि कहानी बड़ी ही रोचक है सोलह वि शताब्दी में भानगढ़ बसता है। तीन सो सालो तक भानगढ़ खूब फलता फूलता है। .,
फिर यहाँ कि एक सुन्दर राजकुमारी पर काले जादू में महारथ तांत्रिक सिंधु सेवड़ा आसक्त हो जाता है।. वो राजकुमारी को वश में करने लिए काला जादू करता है।.,
पर खुद ही उसका शिकार हो कर मर जाता है।. पर मरने से पहले भानगढ़ को बर्बादी का श्राप दे जाता है ।.,
और संयोग से उसके एक महीने बाद ही पड़ौसी राज्य अजबगढ़ से लड़ाई में राजकुमारी सहित सारे भानगढ़ वासी मारे जाते है।.,
और भानगढ़ वीरान हो जाता है।. तब से वीरान हुआ भानगढ आज तक वीरान है ।.,
और कहते है कि उस लड़ाई में मारे गए लोगो के भूत आज भी रात को भानगढ़ के किले में भटकते है।. क्योकि तांत्रिक के श्राप के कारण उन सब कि मुक्ति नहीं हो पाई थी।.,
यह जगह अब पुरात्तव विभाग अधीन है. और उन्होंने सूर्यास्त के बाद इसे किले में नहीं रुकने की सख्त हिदायत दे रखी है।,
दूसरे स्थान पर आता है जैसलमेर का कुलधरा गाँव। .,
इस सूचि में हमने दूसरे नंबर पर रखा है, राजस्थान के जैसलमेर जिले के कुलधरा गाँव को जो की पिछले एक सो सत्तर सालों से वीरान पड़ा हैं।.,
कुलधरा गाँव पालीवाल ब्राहम्णो का गाँव था।,
कुलधरा गाँव के हज़ारों लोग अपने गाँव की एक लड़की को अय्याश दीवान सालम सिंह से बचाने के लिए एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे.,
और जाते जाते श्राप दे गए थे कि यहाँ फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा।. तब से गाँव वीरान पड़ा हैं।.,
कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं, कभी एक हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है|.,
टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव में घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है।.,
उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है।. बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडिय़ों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं।.,
प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है. जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं. लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं।.,
मई मे दिल्ली से आई भूत प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गाँव में रात बिताई. और यहाँ पर पारलौकिक गतिविधिया रिकॉर्ड की।,
कुलधरा गाँव पालीवाल ब्राहम्णो का गाँव था।,
कुलधरा गाँव के हज़ारों लोग अपने गाँव की एक लड़की को अय्याश दीवान सालम सिंह से बचाने के लिए एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे.,
और जाते जाते श्राप दे गए थे कि यहाँ फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा।. तब से गाँव वीरान पड़ा हैं।.,
कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं, कभी एक हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है|.,
टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव में घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है।.,
उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है।. बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडिय़ों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं।.,
प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है. जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं. लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं।.,
मई मे दिल्ली से आई भूत प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गाँव में रात बिताई. और यहाँ पर पारलौकिक गतिविधिया रिकॉर्ड की।,
तीसरे स्थान पर है लाम्बी देहर माइंस, मसूरी।
लाम्बी देहर माइंस मसूरी के बाहरी इलाके में स्तिथ है।. उन्नीस सो नब्बे से पहले यहाँ पर लाइमस्टोन का खनन किया जाता था।.,
उस वक़्त यहाँ पर करीब पचास हज़ार मजदुर काम करते थे।. लाइम चुना हमारे शरीर में जाकर फेफड़ों में जम जाता है. और फेफड़ो को पत्थर में बदल देता है.,
जिससे की इंसान को खुनी खासी हो जाती जिससे उसकी दर्दनाक मौत होती है।. इससे बचने के लिए लाइमस्टोन माइंस के लिए कई सुरक्षा नियम बने हुए है.,
पर लाम्बीब देहर माइंस में इस तरह के किसी भी नियम का पालन नहीं होता था. नतीज़न वहा पर बड़ी संख्या में मजदुर इस बिमारी से मरने लगे।.,
इसके अलावा उन दिनों सुरक्षा नियमो की पालना के अभाव में, उस माइंस में काम पर लगे ट्रको के पहाड़ी से गिरने की भी कई घटनाएं हुई।.,
फलस्वरूप सरकार ने सुरक्षा नियमो की अनदेखी के कारण इस माइंस को हमेशा के लिए बंद करवा दिया।. तब से यह जगह वीरान पड़ी है।. ,
जहाँ कभी पचास हज़ार मजदूरो की आबादी थी वहा पर अब मुश्किल से एक हज़ार लोग रहते है।. खाली पड़ी माइंस एयर घरों में बड़े बड़े पेड़ उग आये है।.,
स्थनीय लोगो के अनुसार खाली पड़ी माइंस और घर अब आत्माओ का ठिकाना है।. यहाँ पर रात को लोगो के बाते करने की आवाज़े सुनाई देती है।.,
एक और बात जो इस जगह को भयानक बनाती है. वो है चलती हुई कार, बस, ट्रको का अचानक सड़क से उत्तर जाना जिससे की कई बार गंभीर हादसे भी हो जाते है।.,
यहाँ तक की यह पर एक हेलीकॉप्टर रहस्यमयी तरीके से क्रेश भी हो चुका है।. यह सभी बाते मिलकर इस जगह को भारत की मोस्ट हॉन्टेड प्लेस की लिस्ट में स्थान दिलाती है।.,
उस वक़्त यहाँ पर करीब पचास हज़ार मजदुर काम करते थे।. लाइम चुना हमारे शरीर में जाकर फेफड़ों में जम जाता है. और फेफड़ो को पत्थर में बदल देता है.,
जिससे की इंसान को खुनी खासी हो जाती जिससे उसकी दर्दनाक मौत होती है।. इससे बचने के लिए लाइमस्टोन माइंस के लिए कई सुरक्षा नियम बने हुए है.,
पर लाम्बीब देहर माइंस में इस तरह के किसी भी नियम का पालन नहीं होता था. नतीज़न वहा पर बड़ी संख्या में मजदुर इस बिमारी से मरने लगे।.,
इसके अलावा उन दिनों सुरक्षा नियमो की पालना के अभाव में, उस माइंस में काम पर लगे ट्रको के पहाड़ी से गिरने की भी कई घटनाएं हुई।.,
फलस्वरूप सरकार ने सुरक्षा नियमो की अनदेखी के कारण इस माइंस को हमेशा के लिए बंद करवा दिया।. तब से यह जगह वीरान पड़ी है।. ,
जहाँ कभी पचास हज़ार मजदूरो की आबादी थी वहा पर अब मुश्किल से एक हज़ार लोग रहते है।. खाली पड़ी माइंस एयर घरों में बड़े बड़े पेड़ उग आये है।.,
स्थनीय लोगो के अनुसार खाली पड़ी माइंस और घर अब आत्माओ का ठिकाना है।. यहाँ पर रात को लोगो के बाते करने की आवाज़े सुनाई देती है।.,
एक और बात जो इस जगह को भयानक बनाती है. वो है चलती हुई कार, बस, ट्रको का अचानक सड़क से उत्तर जाना जिससे की कई बार गंभीर हादसे भी हो जाते है।.,
यहाँ तक की यह पर एक हेलीकॉप्टर रहस्यमयी तरीके से क्रेश भी हो चुका है।. यह सभी बाते मिलकर इस जगह को भारत की मोस्ट हॉन्टेड प्लेस की लिस्ट में स्थान दिलाती है।.,
मोस्ट होंटेड प्लेस के चोथे स्थान पर है गोआ का थ्री किंग्स चर्च ।
कहते है की गोवा के किंग्स चर्च में तीन पुर्तगाली राजाओ की आत्मा भटकती है .,
और कई बार चर्च में आए लोगों को इनकी मौजूदगी का एहसास भी होता है।. यहां के लोगों का कहना है की किसी समय यहां तीन पुर्तगाली राजा हुआ करते थे।.,
इनमें वर्चस्व को लेकर अक्सर लड़ाई होती रहती थी।. एक बार होल्गेर नाम के एक राजा ने अन्य दोनों राजाओं को इस चर्च में आमंत्रित किया और धोखे से जहर देकर मार दिया।.,
जब लोगों को होल्गेर की इस करतूत का पता चला तो उन्होंने इसके महल को घेर लिया।. जनता के आक्रोश को देखकर तीसरे राजा ने आत्महत्या कर ली।.,
तीनों राजाओं के शव को इसी चर्च में दफना दिया गया।. इसके बाद से ही इस चर्च में भूतों का निवास माना जाता है।.,
और कई बार चर्च में आए लोगों को इनकी मौजूदगी का एहसास भी होता है।. यहां के लोगों का कहना है की किसी समय यहां तीन पुर्तगाली राजा हुआ करते थे।.,
इनमें वर्चस्व को लेकर अक्सर लड़ाई होती रहती थी।. एक बार होल्गेर नाम के एक राजा ने अन्य दोनों राजाओं को इस चर्च में आमंत्रित किया और धोखे से जहर देकर मार दिया।.,
जब लोगों को होल्गेर की इस करतूत का पता चला तो उन्होंने इसके महल को घेर लिया।. जनता के आक्रोश को देखकर तीसरे राजा ने आत्महत्या कर ली।.,
तीनों राजाओं के शव को इसी चर्च में दफना दिया गया।. इसके बाद से ही इस चर्च में भूतों का निवास माना जाता है।.,
और पाँचवे स्थान पर है देहली की जमाली-कमाली मस्जिद और कब्र। .,
यह मस्जिद दिल्ली के महरौली में स्थित है।. यहां सोलवहीं शताब्दी के सूफी संत जमाली और कमाली की कब्र मौजूद है।. इस जगह के बारे में लोगों का विश्वास है कि यहां जिन्न रहते हैं।.,
कई लोगों को इस जगह पर डरावने अनुभव हुए हैं।. सूफी संत जमाली लोधी हुकूमत के राज कवि थे।. इसके बाद बाबर और उनके बेटे हुमायूं के राज तक जमाली को काफी तवज्जो दी गई।.,
माना जाता है कि जमाली के मकबरे का निर्माण हुमायूं के राज के दौरान पूरा किया गया।. मकबरे में दो संगमरमर की कब्र हैं, एक जमाली की और दूसरी कमाली की।,
जमाली कमाली मस्जिद का निर्माण पन्द्रा सो अठाईस में किया गया था। यह मस्जिद लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है।,
कई लोगों को इस जगह पर डरावने अनुभव हुए हैं।. सूफी संत जमाली लोधी हुकूमत के राज कवि थे।. इसके बाद बाबर और उनके बेटे हुमायूं के राज तक जमाली को काफी तवज्जो दी गई।.,
माना जाता है कि जमाली के मकबरे का निर्माण हुमायूं के राज के दौरान पूरा किया गया।. मकबरे में दो संगमरमर की कब्र हैं, एक जमाली की और दूसरी कमाली की।,
जमाली कमाली मस्जिद का निर्माण पन्द्रा सो अठाईस में किया गया था। यह मस्जिद लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है।,
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